किसानो की अनदेखी कर रहा शासन व प्रशासन : वैशाली





लखीमपुर-खीरी। जिले में गन्ना मिलो ंको तत्काल शुरू करने, सपा द्वारा अपने घोषणा पत्र में दिये गये 400 रू प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य किसानों को दिये जाने तथा किसानों का पिछला भुगतान तुरन्त करने सहित खीरी क्षेत्र में आत्महत्या करने वाले प्रत्येक किसानों को 25 लाख रू मुआवजा आदि मांगों को लेकर आन्दोलन संगठित कर रही कांग्रेस नेत्री वैशाली अली ने आज थाना नीमगांव के पकरिया गांव जाकर दो दिन पूर्व अपनी जान देने वाले छोटे किसान स्वर्गीय छोटेलाल की पत्नी छोटी देवी, बेटे संतोष व अन्य परिजनों से मिलने के बाद यहां आयोजित एक प्रेसवार्ता मंे जिला प्रशासन पर किसान हितों की अनदेखी करने तथा गन्ना मिलों पर तकनीकी कारणों का सहारा लेकर बकाया भुगतान के मामले में किसानों को ही दोषी ठहराने की कड़ी निन्दा की है।

आज आयोजित प्रेसवार्ता में वैशाली अली ने आरोप लगाया कि जो किसान वास्तव में गन्ना मिलों का पिछला भुगतान न आने व धनाभाव के कारण कर्जदारी आदि के चलते फांसी लगाकर या जहरीली दवायें खाकर आत्महत्या कर रहे है गन्ना मिल प्रबंधन उन किसानों द्वारा दूसरों की पर्ची पर की गयी गन्ना आपूर्ति के बकाये को पीड़ित किसान का बकाया भुगतान मानने से इनकार कर रहे है वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन जान गंवाने वाले किसानों को गृहकलह अथवा शराब पीकर जान देने वाला किसान बताकर सरकार और प्रशासन का पल्ला झाड़ रहे है।

 वैशाली अली ने प्रेसवार्ता में बताया कि पकरिया गांव के मृतक किसान छोटे लाल की पत्नी ने आज उन्हें लिखकर दिया कि उनके पति ने दूसरों की पर्चियों पर भेजे गये गन्ने का भुगतान न मिलने की मानसिक परेशानी के चलते जान दी और दिक्कतशुदा ये है कि उन्हांेने घर में बताया भी नहीं कि दूसरे किन लोगों की पर्चियों पर उन्हांेने मिल को गन्ना भेजा था। स्वर्गीय किसान छोटेलाल की पत्नी छोटी देवी ने वैशाली अली द्वारा यह पूंछे जाने पर कि क्या उन्हांेने गृहकलह के कारण जान दी, इसके उत्तर में छोटी देवी ने साफ कहा कि उनके घर में ऐसी कोई कलह नहीं थी जिसके चलते वे जान देते।

 वैशाली अली ने कहा कि कल जब बिजुआ ब्लाक के गदियाना गांव में पहुंची तो गाड़ियों में भरकर उनके पीछे पुलिस भी गदियाना पहुंच गयी और जब वे मृतक किसान रामस्वरूप के परिजनों से उसके जान देने के कारणों की पड़ताल कर रही थी तो वहां मौजूद पुलिसजन आंखे तरेरकर उसके परिजनों को सच्चाई न बताने के लिए आंतकिंत कर रहे थे उन्हांेेने कहा कि गांव के अनेक लोगों ने बताया कि रामस्वरूप ने अपने खेत पर जाकर मछेटी नाम की खेतो में घास-फूंस मारने वाली दवां पीकर जान दी जबकि प्रशासन उनके परिजनों को यह बताने पर मजबूर कर रही है कि रामरूवरूप ज्यादा पीता था इस वजह से उसकी मृत्यु हुई है।

वैशाली अली ने कहा कि प्रशासन प्रदेश सरकार को जनता के बीच कटघरे में खड़ा करने से बचाने की कितनी भी कोशिश करें किसान गन्ना मिल मालिकों और प्रदेश सरकार की मिलीभगत साफ देख रही है और उसके गन्ना किसान विरोधी कृत्यों के लिए जनता उसे कभी माफ नहीं करेंगी।

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