गुलदार ने बनाया पालतू सुअर को अपना निवाला, खोज मे जुटे वनकर्मी





लखीमपुर-खीरी। जनपद के थाना पलियाकलां क्षेत्र मे जंगल से आबादी में घुसे एक गुलदार ने बाड़े में घुसकर पालतू सुअर पर हमला बोल दिया। सुअर को मारने के बाद गुलदार उसे खींचकर बाहर ले आया और खाने लगा।

इसी बीच पशु स्वामी ने उसे देख लिया और हल्ला मचा दिया। इस पर गुलदार शिकार को छोडक़र पास में ही गन्ने के खेत में लुप्त हो गया। सूचना पर वन कर्मी मौके पर आ पहुंचे और गुलदार की लोकेशन में जुट गए। समाचार लिखे जाने तक गुलदार का कुछ पता नहीं चल सका था और वन कर्मी मौके पर बने हुए थे। विवरण के अनुसार थाना भीरा क्षेत्र के ग्राम सौना के बाहर नरेश वाल्मीकि का परिवार रहता है, नरेश सुअर पालन कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। घर के सामने ही उसने सुअरों केे लिए एक बाड़ा बना रखा है, जिसमें कई पशु पले हुए हैं।

बीते दिवस प्रातः करीब छह बजे जब घर के लोग सो रहे थे तभी जंगल से निकला एक गुलदार सुअरों के बाड़े में जा घुसा। वहां उसने एक सुअर पर हमला करते हुए उसे मार डाला और शव को बाड़े के बाहर खींचता हुआ ले गया। अभी गुलदार ने अपने शिकार को खाना शुरू ही किया था कि इसी दौरान नरेश की नजर उस पर पड़ गई और उसने शोर मचा दिया। आस पास मौजूद ग्रामीणों ने भी गुलदार को देख लिया और हल्ला मचाने लगे। भीड़ व शोर होता देख गुलदार शव को छोडक़र प्राथमिक विद्यालय के पास में गन्ने के खेत में जा घुसा। मामले की सूचना वन विभाग को दी गई। मौके पर अपनी टीम के साथ पहुंचे रेंजर ने ग्रामीणों से जानकारी हासिल की और अपने-अपने घरों में ही रहने की सलाह दी। इसके बाद गुलदार की खोज शुरू कर दी गई। लेकिन समाचार लिखे जाने तक शिकारी का कुछ भी पता नहीं चल सका था और वन कर्मी मौके पर ही बने हुए थे।

 इधर वन क्षेत्राधिकारी मंगल सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पशु मालिक को आश्वासन दिया है कि नियमानुसार मुआवजा जल्द से जल्द उपलब्ध करवाया जाएगा। मृत पशु के शव को सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि गुलदार के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है, जिस खेत में उसके होने की बात ग्रामीणों ने बताई थी उसके चारों ओर कर्मियों को तैनात कर दिया गया है। हो सकता है कि वह जंगल में चला गया हो। गुलदार के हमले के बाद से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। चंूकि गुलदार कहां है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं हुई है, ऐसे में ग्रामीण खेतों पर जाने में भी डर महसूस करने लगे हैं।

 हालांकि अभी तक गुलदार ने किसी इंसान पर हमला नहीं किया है लेकिन जिस तरह से लगातार पालतू पशुओं का शिकार हो रहा है उससे ग्रामीण अपने बच्चों व पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इससे पहले भी गुलदार ने बाड़े में घुसकर कई छोटे सुअरों पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं से पशु मालिकों में डर बना हुआ है।

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