भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण हेतु डीएम ने गठित की थानेवार टीमें





लखीमपुर-खीरी। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण श्रावस्ती माडल पर करने जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत थाना स्तर पर राजस्व और पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें गठित कर दी गयी है।

जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि यह टीमें निर्धारित तिथि पर निर्धारित गांवों में जाकर भूमि संबंधी विवादों को सुनकर उनका स्थलीय निरीक्षण कर निदान करेगी। इसके लिए 20 टीमें गठित की गयी है। डीएम ने बताया कि थानेवार गठित इन टीमों में एक राजस्व अधिकारी, चार लेखपाल, संबंधित थाने के उपनिरीक्षक और चार सिपाही शामिल किये गये है।

टीमों को निर्देश दिया गया है कि टीम लीडर अपने कार्यो विवादों के निपटारें की प्रतिदिन सूचना ई-मेल या विशेष वाहक के जरिये जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भेजेगें। साथ ही इसे आरजीआरएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करायेगे। टीमों को स्पष्ट निर्देश दिये गये है कि न्यायालयों में विचाराधीन मामलों को छोड़कर शेष सभी मामलों का समाधान गांव में सभी सभ्रान्त लोगों की मौजूदगी में आपसी सुलह.समझौते के माध्यम से विधिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए किया जाये।

यदि समय की कमी से उस दिन समाधान सम्भव न हो तो अगले दिन गांव में जाकर उनका निदान कराया जाये। अभियान के समाप्ति पर टीम से गांव के विवाद रहित होने का प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाय। जिसकी एक प्रति मुख्यालय को भेजी जाय।

उन्होनें बताया कि संयुक्त टीमों को रवाना करने के लिए वाहन आदि की व्यवस्था निर्वाचन की भांति की जायेगी। इसकी रवानगी का उल्लेख जीडी में भी होगा। प्रशासनिक और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उनका पर्यवेक्षण करेगे। संवेदनशील व जटिल प्रकरणों का निस्तारण एसडीएम, सीओ के मार्गदर्शन पर्यवेक्षण व उपस्थित में किया जाय। अति संवेदनशील व अति गंभीर प्रकरणों में उनसे भी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते है।

उन्होनें बताया सप्ताह में रेण्डम आधार पर चयनित कम से कम 01 ग्राम का संयुक्त निरीक्षण डीएम-एसपी द्वारा किया जायेगा। इसी प्रकार एडीएमए एडिशनल एसपी द्वारा भी एक अभियान दिवस पर कम से कम 02 ग्रामों का संयुक्त निरीक्षण किया जाय। सभी एसडीएम व सीओ द्वारा संयुक्त रूप से संबंधित तहसीलोंध्थानों में प्रत्येक अभियान दिवस पर कार्य कर रही समस्त संयुक्त टीमों का कम से कम एक बार आवश्यक निरीक्षण किया जाय।

उन्होनें बताया कि अभियान दिवस पर सीमा संबंधी अथवा मार्गाधिकार और अन्य सुखाचार संबंधी प्रकरणों की यथा स्थिति राजस्व संहित 2008 की धारा 24 अथवा धारा 25 के अन्र्तगत किया गया निस्तारण मानते हुए निस्तारित किये गये समस्त प्रकरणों की पत्रावलियां जिसमें सुलह समझौते के आधार पर कराये गये निस्तारण आदि से सम्बन्धित अभिलेख सुलहनामा आदि उपलब्ध होए को तहसील स्तर पर संरक्षित किया जायेगा।

उन्होनें बताया कि प्रत्येक उपजिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी अपने संयुक्त हस्ताक्षर से अभियान की साप्ताहिक रिर्पोट माह अप्रैल 2018 की दिनांक 13, 20, 27 और 31 अप्रैल को सहायक भूलेख अधिकारी यभूलेख कार्यालयद्ध कलेक्ट्रेट खीरी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे।          

उन्होनें बताया कि भूमि विवाद सम्बन्धी शिकायतों के निस्तारण हेतु उपरोक्तानुसार विशेष अभियान का क्रियान्वयन, पर्यवेक्षण और अनुश्रवण उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस संयुक्त रूप से प्रभावी ढंग से किया जाय और अपने अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों को समग्र रूप से शिकायतों का निस्तारण करने के लिए प्रेरित किया जाय और उनका यथाआवश्यक मार्गदर्शन किया जाय।

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