लाभार्थियो को छप्पर हटने के बाद सिर पर छत मिलना भी दूभर





निघासन-खीरी। विकास खंड की ग्राम पंचायत मूड़ा बुजुर्ग के तीन मजरों में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 26 लाभार्थियों के सिर से छप्पर तो हट ही गया था लेकिन अब पीएम आवास की पक्की छत मिलना भी दूर की कौड़ी लग रहा है। इसकी वजह वन विभाग की ओर से उनको इस जमीन को आरक्षित वन भूमि बताकर भेजी गई नोटिसें हैं।

यही नहीं, जंगल महकमे के पत्र पर विकास विभाग ने भी आवास निर्माण और बैंकों से पैसे की निकासी पर रोक लगाते हुए निकाले गए पैसे को दुबारा खातों में जमा कराने की हिदायत जारी की है। इससे पहली किश्त निकालकर अधूरा निर्माण करा चुके लाभार्थियों के सामने बड़ी दिक्कत खड़ी हो गई है।

निघासन ब्लाक की ग्राम पंचायत मूड़ा बुजुर्ग के तीन मजरों श्रीरामपुरवा, शंकरी गौढ़ी और प्रतापगढ़ के 26 लोगों को वर्ष 2016.17 और 2017.18 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत चुना गया था। इनमें श्रीरामपुरवा के तेरह, शंकरीगौढ़ी के सात और प्रतापगढ़ के छह लाभार्थी शामिल थे। इन लोगों के बैंक खातों में एफटीओ के जरिए चालीस-चालीस हजार की पहली किश्त भी भेज दी गई। इन लोगों ने अपने आवासों का निर्माण भी कराना चालू कर दिया। कई लोगों ने इस पूरी रकम से निर्माण करा लिया है।

आठ नवंबर 2017 को दक्षिण निघासन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी पल्टूराम ने मूड़ा बुजुर्ग के वन रक्षक जगमोहन मिश्र की सूचना के बाद बीडीओ को एक पत्र भेजकर इन आवासों का निर्माण रोकने की मांग की। इस पत्र में कहा गया है कि वन रक्षक ने वन विभाग की आरक्षित करीब 383 हेण् भूमि पर कई दशकों से अवैध कब्जा कर इस पर खेती करने और उक्त तीनों गांव इसी जमीन पर बसे होने की बात कही है। इस पर इन लोगों द्वारा बनवाए जा रहे पीएम आवासों का निर्माण रुकवाने और आवंटन निरस्त करने की बात कही गई है।

इसके बाद बीडीओ ने इलाहाबाद बैंक मूड़ा बुजुर्गए पंजाब एंड सिंध बैंक झंडी और भारतीय स्टेट बैंक निघासन के मैनेजरों को पत्र भेजकर इन गांवों के छब्बीसों लाभार्थियों के रकम निकासी पर रोक लगा दी है। साथ ही ग्राम विकास अधिकारी को खातों से रकम निकालकर आवास बनवा लेने वाले लाभार्थियों से रकम वापस खातों में जमा कराने और आवास निर्माण की आगे की कार्रवाई मामले के निस्तारण तक रोकने की हिदायत दी है।

इस कार्रवाई से सभी लाभार्थी खासे परेशान हो गए हैं। श्रीरामपुरवा की तेतरी, प्रभावती, राजेश, मायादेवी, रघुनाथ, प्रतापगढ़ के रामजी, उषादेवी, कौशिल्या, गायत्री, पूनम और शंकरी गौढ़ी के रामशंकर, अनारकली सुदर्शन, शिवजी और जगदीश आदि का कहना है कि उन्होंने आवास बनवा लिया है। इस कार्रवाई से उनके ऊपर दोहरी मार हो गई है। एक तो उनका आवास चला गयाए दूसरे आवासों में खर्च रकम अब वे कहां से वापस करेंगे।

इस बाबत बीडीओ आलोक वर्मा ने बताया कि लाभार्थियों ने बातें छिपाकर आवास हासिल करके बनवाया है। आवासों पर अगर उन्होंने पैसा निकालकर खर्च किया है तो उसे वसूलकर खातों में जमा कराया जाएगा।

निघासन से विनोद गुप्ता की रिपोर्ट

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